लख़नऊ से प्रकाशित उर्दू दैनिक अवधनामा की रिपोर्ट के अनुसार इराक़ में जारी आतंकवाद, बेगुनाहों के नरसंहार और रौज़ों की सुरक्षा को लेकर अम्बेडकर नगर के ज़िला मुख्यालय पर पूरे ज़िले के हज़ारों लोगों नें शिया मूव्मेंट के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करते हुए शांति मार्च मीरनपुर स्थित इमामबाड़े से दोपहर बाद निकाला गया। जुलूस में शामिल हज़ारों लोग आतंकवाद मुर्दाबाद, लब्बैक या हुसैन के नारे लगाते हुए पुरानी तहसील, ओलंदगंज, बस अड्डा, कोतवाली होता हुआ कलेक्ट्रेट पहुँचा जहाँ मौलाना सय्यद नूरुल हसन की अध्यक्षता में हुए जलसे में दर्जनों उल्मा व वक्ताओं नें इराक़ में हो रहे आतंकी हमलों की निंदा करते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सम्बोधित मेमोरेण्डम अपर ज़िला मजिस्ट्रेट जनाब राम मूर्ति मिश्र को सौंपा जिसमें मांग की गई कि हिन्दुस्तानी नागरिकों की वहाँ से रिहाई, आतंकवाद का मिलकर ख़ात्मा करने, करबला, नजफ़, सीरिया, सामर्रा और सभी पवित्र स्थलों की सुरक्षा का मुद्दा शामिल है। जलसे के मुख्य वक्ता सय्यद ग़ौस अशरफ़ कछौछवी नें कहा कि इराक़ में सुन्नी आतंकवादी नहीं हैं बल्कि सऊदी अऱब द्वारा भेजे घए इस्लाम के दुश्मन लोग हैं जो मुसलमानों का नहीं बल्कि मानवता का क़त्ल कर रहे हैं। इस्लामी दुनिया को एकजुट होकर आतंकवाद के साथ साथ सऊदी अरब की वहाबियत को समाप्त करने के साथ साथ इस्लामी दुनिया में हो रहे ख़ून ख़राबे को समाप्त करना चाहिये।
27 जून 2014 - 19:05
समाचार कोड: 619448
इराक़ में जारी आतंकवाद, बेगुनाहों के नरसंहार और रौज़ों की सुरक्षा को लेकर अम्बेडकर नगर के ज़िला मुख्यालय पर पूरे ज़िले के हज़ारों लोगों नें शिया मूव्मेंट के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करते हुए शांति मार्च मीरनपुर स्थित इमामबाड़े से दोपहर बाद निकाला गया।